Birendra Godiyal को विज्ञान एवं शिक्षा प्रसार सम्मान 2025 में किया गया सम्मानित

 श्री वीरेंद्र दत्त गोदियाल को उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद यूकोस्ट के द्वारा आयोजित 20वीं उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कांफ्रेंस के अंतर्गत विज्ञान एवं शिक्षा प्रसार सम्मान 2025 में सम्मानित किया गया। उनके द्वारा पर्यावरण संरक्षण में किए गए कार्यों को पहचान देते हुए उन्हें ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय देहरादून में आयोजित इस कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।।

वीरेंद्र दत्त गोदियाल राजकीय जूनियर हाई स्कूल पाटुली, पौड़ी गढ़वाल में शिक्षक के तौर पर सेवा दे रहे हैं। उनके द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रयासों के लिए एक समलौंण आंदोलन चलाया गया। इसी आंदोलन के अंतर्गत उन्होंने विद्यालय से समाज तक पर्यावरण के प्रति जागरूकता की मुहिम चलाई। विद्यालय में छात्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और गांव गांव तक इस आंदोलन के चलते पर्यावरण संरक्षण का संदेश सारे गांव समाज को पर्यावरण की शिक्षा का एक विद्यालय बनाता है।

समलौंण आंदोलन में किसी अवसर पर वृक्षारोपण यादगार पौधा लगाया जाता है। समलौंण का तात्पर्य ही याद से है, जन्मदिन, मुंडन, शादी, वार्षिक पिंडदान इत्यादि सभी संस्कारों में यादगार अवसर के तौर पर एक पौधा रोपे जाने की मुहिम है। यह पर्यावरण के प्रति जागरूकता को वृक्षारोपण से कार्यशैली में स्थापित करती हैं।।

यूकास्ट द्वारा आयोजित विश्व उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कॉन्फ्रेंस 28 से 30 नवंबर 2025 तक ग्राफिक एरा देहरादून विश्वविद्यालय में संचालित हो रहा है। पहले दिन इसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहे।।

Comments

Popular posts from this blog

केजरीवाल की हार ही राहुल गांधी की जीत है!

राठ क्षेत्र से मुख्यमंत्री आवास तक का सफर | राठ का तात्पर्य | विशेष लेख

गरीब के प्याज | Hindi literature, Diwakar Godiyal