एनडीए सरकार की बढ़ती ताकत | विपक्ष के कमजोर क्या प्यादे गिर रहे हैं!
देश की राजनीति में इस समय पर जोड़-तोड़ का कार्य चल रहा है। एनडीए सरकार को संसद में अपना समर्थन बढ़ाना है। संख्या को कम से कम इतना लेकर जाना है, कि वह परिसीमन के विधेयक को महिला आरक्षण के विधेयक को पास करवा सकें। यह उनके लिए बहुत जरूरी है तृणमूल कांग्रेस को लेकर जो खबरें चल रही हैं समाजवादी पार्टी को लेकर और उद्धव ठाकरे के शिवसेना को लेकर जो खबरें हैं यह सब इसी गणित का हिस्सा है। उधर दक्षिण में डीएमके की असंतुष्ट स्थिति भी काम में लाई जा सकती है। अब देखना यह होगा कि बीजेपी कितना समर्थन जुटा पाती है इसकी पूरी गणित को कुछ इस प्रकार से समझेंगे। तृणमूल कांग्रेस की बिखरती शक्ति : हाल में तृणमूल कांग्रेस के सांसदों में भी बगावत हो गई है। पहले तो विधानसभा में कई नेताओं ने बगावत कर दी पार्टी के हाई कमान की बात मानने से इनकार कर दिया। यह सब ममता बनर्जी के चुनाव हार जाने के बाद हुआ है, उससे पहले तक सब ठीक था टीएमसी की सरकार थी और एक बार फिर से सरकार बनने की आश थी तब तक सब ठीक था लेकिन जैसे ही चुनाव हार गई ममता बनर्जी सारा मामला बिगड़ गया, सारे नेता अपने-अपने रास्ते निकल पड़े। ऋतव्रत बनर्जी क...