जसपाल राणा | वो जिसका निशाना अचूक था | Remembering A Legend
Jaspal Rana बचपन से दो नाम तो जरूर सुने दोनों नाम खेल जगत से जुड़े हुए। अपने घर में ही जिनकी बात होती या हमें ही किसी कारनामे पर उनके नाम की उपमा दे दी जाती। वह दो नाम थे एक महेंद्र सिंह धोनी और दूसरा जसपाल राणा। यह नाम सुदूर पहाड़ों में हमारे गांव की तरह ही हर गांव के लोगों की याद में था। जिसका वे कभी ना कभी प्रयोग कर ही देते। धोनी का नाम जानना क्रिकेट के एक बेहद लोकप्रिय खेल होने के कारण हो सकता है। लेकिन जसपाल राणा वह व्यक्ति हैं, जिन्होंने सुदूर मेरे गांव तक शूटिंग के उस खेल को ही बेहद लोकप्रिय बना दिया। गांव गांव तक गढ़वाल में जसपाल राणा एक मेधावी खिलाड़ी और विश्व स्तर पर पहचान पाने वाले चुनिंदा लोगों में शामिल हुए। देश और राज्य को खेल से सपनों को साकार करने का सफल उदाहरण दिया, जसपाल राणा जी ने। आज वह दिया बुझ गया किंतु उसका आलोक शेष रहेगा। शेष रहेगा वह नाम जिसके साए में कई नाम और उठेंगे। जसपाल राणा जी का जन्म 28 जून 1976 को उत्तरकाशी शहर में हुआ था। इनके पिताजी नारायण सिंह राणा से ही इन्होने शूटिंग के गुर सीखे और इन्हीं रास्तों पर चलकर जसपाल राणा देश के सफलतम शूटिंग खिलाड़ी ...