पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत | Modi or Mamta Banerjee

Mamta Banerjee 

नरेंद्र मोदी का विजय रथ पश्चिम बंगाल के चुनाव में बहुत शक्ति से आगे बढ़ा है यह तो अनुमान पहले से ही था की पिछली बार के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन भाजपा कर सकेगी किंतु चुनाव को जीत लेना सरकार बनाने को लेकर जो एग्जिट पोल अब तक जानकारी दे रहे हैं बीजेपी की सरकार पश्चिम बंगाल में बनती हुई नजर आ रही है ममता दीदी के बाद अब लोग दादा को सत्ता में देखना चाहते हैं यह बड़ा बदलाव होगा पश्चिम बंगाल का रुख इस समय पर कुछ तो बदला जरूर है राष्ट्रीय राजनीति का प्रभाव और पश्चिम बंगाल अछूता रह जाए यह संभव नहीं। पिछली बार के चुनाव में 77 सीटों पर सिमटी बीजेपी इस बार ऊंची छलांग लगाकर 160 सीटों पर भी पहुंच सकती है सरकार गठन बीजेपी के हाथ में होगा पश्चिम बंगाल में सबसे बड़ा राजनीतिक दल भी भारतीय जनता पार्टी बन सकती है।

हालांकि पश्चिम बंगाल ममता बनर्जी का गढ़ है 4 तारीख को जब परिणाम आएंगे तब तो सब कुछ साफ हो ही जाएगा किंतु फिर भी एग्जिट पोल एक तरफा बीजेपी की जीत का दम भर रहे हैं बाकी यह बात किसी से छुपी नहीं है कि ममता बनर्जी पिछले 15 वर्षों से पश्चिम बंगाल की राजनीति के मजबूत स्तंभ के तौर पर हैं उनकी पार्टी का पश्चिम बंगाल के हर घर तक प्रभाव है व्यक्ति से व्यक्ति तक उनका पूरा जोर है आप खबरें जरूर सुनते होंगे क्षेत्रवाद और बंगाली अस्मिता का इतना अधिक जोर है की चाह कर भी कोई ममता बनर्जी से बाहर नहीं हो सकता बीजेपी कोशिश जरूर कर रही है किंतु रास्ता वैसे भी आसान नहीं है इस सब में एग्जिट पोल एक बड़ी आशा के साथ बीजेपी को ताकत देता है।

ममता बनर्जी के पार्टी कार्यकर्ताओं का राज्य के हर मोहल्ले तक पहुंच होना भले वह सहायता करने के नाम पर हो किंतु धीरे-धीरे यह भी जमीनी स्तर पर अटपटा लगने लगता है लोग बदलाव की तरफ भी देख रहे हैं महिलाओं की बात खूब होती रही नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सरकार का घेरा जाना और इसके बाद एक तरफ से विपक्षियों को चुनाव के मैदान में बीजेपी के द्वारा कतार में खड़ा किया गया है इसका प्रभाव पश्चिम बंगाल में दिखना तो चाहिए लेकिन ममता बनर्जी स्वयं एक महिला मुख्यमंत्री होने के नाते इस प्रभाव को काम जरूर करती हैं साथ ही जैसे बिहार में महिला वोटर नीतीश कुमार के पक्ष में मतदान करने के लिए बढ चढ कर सामने आए पश्चिम बंगाल में महिलाओं पर ममता बनर्जी का बड़ा प्रभाव है किंतु क्या इस समय पर उस मजबूत प्रभाव को बीजेपी के कैंपेन ने धूमिल किया है।

बीजेपी का पश्चिम बंगाल में पहुंचना ही राष्ट्रवाद और भारतीय संस्कृति के पुनरुत्थान का नया दौर आरंभ होगा।क्षेत्रवाद की जंजीरों से कुछ खुलापन होते हुए राष्ट्र की संस्कृति को एकजुट होकर स्वीकार करना उसमें योगदान देना और अपनी संस्कृति को राष्ट्र के परिपेक्ष में देखना शुरू करना। बीजेपी इस एक बदलाव को पश्चिम बंगाल तक भी लेकर जाएगी रही बात मजबूत गढों की तो कभी केजरीवाल भी अजेय हुआ करते थे किंतु उन्हें हराने का यदि काम कोई कर सका तो वह नरेंद्र मोदी ही रहे तमिलनाडु में स्टालिन कुछ ऐसे ही मजबूत हैं और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी इसी दर्जे की नेता है अब तो चुनाव के नतीजे बंद बक्से में सुनिश्चित हो चुके हैं।

जिस भी राज्य में भाजपा अपनी सरकार बनती है यह एक बात जरूर देखने को मिलती है कि राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय मुद्दों पर जनमानस का ध्यान तेज होने लगता है। हालांकि विपक्ष पूरी पूरी कोशिश करता है कि समय के साथ वह क्षेत्रीय मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी को घेर सके। तमाम कई राज्यों में विपक्ष की जहां सरकारें बनी हैं वहां भी वे क्षेत्रीय दलों की भांति ही प्रतीत होते हैं विपक्ष में कांग्रेस भले क्यों ना हो वह कई राज्यों में क्षेत्रीय संगठन की तरह ही व्यवहार कर रही है।

असम में राहुल गांधी जब प्रचार करने गए तो उन्होंने कह दिया कि नरेंद्र मोदी को डोनाल्ड ट्रंप कंट्रोल कर रहे हैं और असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा को नरेंद्र मोदी कंट्रोल कर रहे हैं अब यह बात एक राष्ट्रीय दल के नेता के द्वारा कही जा रही है और कोई साधारण नेता नहीं जो विपक्षी गठबंधन के और लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं यदि कोई क्षेत्रीय दल यह बात कहता है उसकी राजनीति का आधार ही वह है किंतु एक राष्ट्रीय दल को यह कहना कि दिल्ली से आपके राज्य की राजनीतिक हो रही है थोड़ा अटपटा लगता है।

 यदि कल कांग्रेस की सरकार किसी राज्य में बनती है और विपक्ष यह आरोप लगाना शुरु करता है कि आपके मुख्यमंत्री दिल्ली से नियंत्रित हो रहे हैं तो इसका क्या जवाब हो सकता है यह भारत है जिसकी राजधानी दिल्ली है हम सबको यह स्वीकार करना होगा कि राष्ट्र दिल्ली से नियंत्रित होता है और होना भी चाहिए।

बाकी रही बात एक ही दल की सरकार यदि राष्ट्रीय स्तर पर हो और राज्य में हो तो वह साथ मिलकर चलना अधिक बेहतर समझेंगे उन्हें सहयोग के साथ ही चलना चाहिए और इसे भाजपा डबल इंजन की सरकार कहती है तो इसमें गलत तो कुछ नहीं इस देश में शुरुआत के कई वर्षों में कांग्रेस ही चारों दिशा में फैली थी क्या तब कांग्रेस की तमाम सरकारें जो राज्यों में थी वह दिल्ली से नियंत्रित नहीं होते थी।

इन सभी करणों से परिणाम तो यही है कि भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल मैं सरकार बनाने की स्थिति में दिख रही है और कांग्रेस का तो एग्जिट पोल में नाम है भी तो चर्चा के लिए योग्य नहीं दिखता। खैर यहां बात ममता बनर्जी के बंगाल के है 4 तारीख समीप ही हैं और अपनी अपनी जीत के दावे तेज हो गए हैं।।

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