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आयुष्मान योजना को 3 वर्ष पूरे | प्रदेश में अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना

आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना-

23 सितंबर को आयुष्मान भारत योजना को 3 वर्ष पूरे हुए हैं। उत्तराखंड राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी का कहना है, कि इस योजना के अंतर्गत अब तक 4 अरब रुपए तक खर्च किए जा चुके हैं, 44 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड प्रदेश में अब तक बनाए जा चुके हैं। अलग-अलग स्तरों पर आम जनमानस के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। तहसील, ब्लॉक स्तर पर शिविर लगाकर आम लोगों के अयुष्मान कार्ड बनाने की कार्ययोजना जारी है।

आयुष्मान योजना अपने 3 वर्ष पूरे कर चुकी है। जिसे लेकर मंथन 3.0 का आयोजन हुआ। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने इस उपलक्ष में योजना की राज्य में समीक्षा के परिपेक्ष में बैठक की।

क्या है आयुष्मान भारत योजना-

3 वर्ष पूर्व प्रारंभ की गई यह योजना केंद्र सरकार की योजना है। जिसे 3 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। यह योजना भारत वर्ष में 10 करोड परिवारों को निशुल्क स्वास्थ्य सेवा देने की है। जिसमें प्रति परिवार प्रतिवर्ष चिकित्सा सुविधा के तौर पर ₹5 लाख तक का निशुल्क उपचार देने की घोषणा है।

आयुष्मान योजना से उत्तराखंड को लाभ-

देशभर में 10 करोड़ परिवारों को निशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने वाली आयुष्मान योजना में उत्तराखंड के 5 लाख 32 हजार परिवारों को लाभ प्राप्त होगा। इन परिवारों को ₹5 लाख प्रति वर्ष प्रति परिवार निशुल्क स्वास्थ्य सेवा देने की योजना है। आयुष्मान योजना के अधीन उत्तराखंड में 213 अस्पताल जिनमें 111 प्राइवेट तथा 102 सरकारी अस्पताल सूचीबद्ध हैं। वहीं राज्य से बाहर 27 हजार अस्पतालों में 1600 प्रकार के रोग दशाओं में आयुष्मान कार्ड निशुल्क स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध है। कोरोना महामारी के दौरान राज्य में इलाज के लिए सरकार ने 26 करोड से अधिक धनराशि खर्च की जिससे सूचीबद्ध चिन्हित अस्पतालों में कोरोनावायरस के 2700 से अधिक लोगों का उपचार हुआ।

अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना-

प्रदेश में अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना केंद्र सरकार की योजना आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना का ही स्वरूप है। प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी का कहना है, कि यह योजना केंद्र सरकार की योजना से ही प्रेरित होकर प्रारंभ की गई है। अटल आयुष्मान योजना उत्तराखंड के 23 लाख सभी परिवारों को स्वास्थ्य सुविधा के तौर पर निशुल्क उपचार ₹5 लाख प्रति परिवार तक देने की घोषणा करती है। राज्य की इस योजना में नए आंकड़ों की माने तो 6 माह में 5150 कार्डधारक लाभार्थियों ने स्वास्थ्य निशुल्क सेवा का लाभ उठाया है।

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