US-IRAN War | अमेरिका दुनिया के खिलाफ जंग में

पिछले दिनों इस्लामाबाद में हुई अमेरिका ईरान की शांति वार्ता असफल रही अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेड इवेंट्स प्रतिनिधि मंडल के साथ बिना किसी निर्णय पर पहुंचे वापस लौट के इसमें कोई हैरानी की बात भी नहीं है जैसा कि जर्मनी कहता है जर्मनी की तरफ से एक बयान आया है कि उन्हें इस शांति समझौते से पूर्व से ही कोई बहुत बड़ी उम्मीद नहीं थी क्योंकि इसे लेकर तैयारी पूरी नहीं की गई थी साथ ही यह संघर्ष लंबा चल सकता है और इससे पूरी दुनिया को बड़ी समस्याओं से गुजरना पड़ सकता है 

दुनिया किन संकटों के मुहाने पर है: 

हार्मोन स्ट्रेट इस जंग का केंद्र बन गया है इस स्थान के नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान अब आमने-सामने है दुनिया के व्यापार को लेकर हार्मोन स्ट्रीट बहुत अहम स्थान है यह ऊर्जा और खाद्य सामग्री के व्यापार को लेकर और उसकी आपूर्ति को लेकर पूरी दुनिया को प्रभावित कर सकता है यदि अमेरिका अपनी दी गई इस चेतावनी को जो कि आज से लागू हो गई है कि वह समुद्र में नाकाबंदी करेगा उसकी नौसेना वहां से गुजरने वाले तमाम जहाज की जांच करेगी दुनिया यूं ही इस युद्ध के बाद ऊर्जा संकट में फंस चुकी है खड़ी की देश से महत्वपूर्ण संबंध जोड़ने वाला हार्मोन स्टेट का रास्ता युद्ध का केंद्र बन गया है।।

ट्रंप की धमकी और ईरान की चेतावनी: 

इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता के सफल हो जाने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ठीक है अंदाज में ईरान को आधे हाथ लेना शुरू कर दिया है उन्होंने पहला कदम यही उठाया कि हम हार्मोन स्टेट से जाने वाले जहाज पर प्रतिबंध लगाएंगे इसके पीछे कारण यह भी है कि वह ईरान की अर्थव्यवस्था को कमजोर करना चाहता है साथ ही जानकारी यह भी कहते हैं क्या अमेरिका इस माध्यम से चीन पर दबाव बनाना चाहता है इसका कारण यह है कि चीन अपनी ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा ईरान से याद करता है और जब आपूर्ति नहीं होगी तो वह ईरान को शांति समझौते के लिए तैयार करने का प्रयास करेगा अमेरिका भी इस युद्ध में उलझ सा गया है किंतु समझौते की मेज पर वह अपनी मैंगो से पीछे हटने को तैयार नहीं है। 

डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया कि अगर ईरान का कोई भी जहाज उनकी नेवी की नाकाबंदी के करीब आता है तो उसे पर सख्त कार्यवाही होगी उसे ध्वस्त कर दिया जाएगा ठीक वैसे ही जैसे ड्रग्स का सप्लाई करने वाले लोगों के जहाज के साथ किया जाता है इस पर ईरान ने प्रतिक्रिया दी और कहा कि यदि अमेरिका ऐसा करता है तो ओमान की सागर और फारस की खाड़ी में कोई भी पोर्ट सुरक्षित नहीं रहेगा। 

लेबनान के राष्ट्रपति की सीजफायर की अपील: 

लेबनान पर इजरायल के भीषण हम लोग के चलते संघर्ष वहां बहुत तेज है लेबनान को इन हमलों में भीषण छाती हुई है वहां के राष्ट्रपति मिशेल ऑन ने अमेरिका में होने वाली बैठक से पहले सीजफायर की अपील की है उन्होंने यह भी कहा कि इस समय पर केवल सैन्य रास्तों से निष्कर्ष पर पहुंचने के प्रयास के स्थान पर कूटनीतिक रास्तों को अपनाना चाहिए उन्हीं से स्थाई परिणाम आ सकेंगे कुल मिलाकर लेबनान के राष्ट्रपति सीजफायर की उम्मीद कर रहे हैं और उनकी अपील कूटनीतिक रास्तों को अपना कर प्रणाम तक पहुंचाने के लिए प्रयास करने की है 

आपको बता दें कि अब तक लेबनान में इजरायल के हमले से 2084 लोगों की जान जा चुकी है वही 6762 के करीब लोग इन हमलों में घायल हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ईसा मसीह के रूप में: 

एक पोस्ट डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा किया गया उसे तस्वीर में उन्हें ईसा मसीह की तरह दिखाया गया जब डोनाल्ड ट्रंप से पूछा गया कि उन्होंने यह तस्वीर क्यों सजा की है और वह क्या दर्शन चाहते हैं तो डोनाल्ड ट्रंप ने कहा की हां मैंने यह पोस्ट किया है लेकिन मुझे यह लगा कि इस पोस्ट में मैं किसी डॉक्टर की तरह दिख रहा हूं उन्होंने कहा कि मैं रेड क्रॉस के किसी कार्यकर्ता की तरह इसमें दिख रहा था मैं इसी बात का संकेत देना चाहता था मेरा अपने आप को जीसस दिखाने का कोई मकसद नहीं था उन्होंने सवाल पूछने वाले पत्रकार पर ही आरोप लगाया किस तरह की बातों को बढ़ा चढ़ा कर प्रस्तुत करना ही फेक न्यूज़ है हालांकि इस पोस्ट को आप डिलीट कर दिया क्या है। 

शांति वार्ता के आसार नहीं, बड़े देशों के प्रयास: 

यह युद्ध हार्मूज स्ट्रेट पर लड़ा जा रहा है जो दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण रास्ता है अब तो अमेरिका यह भी कह चुका है कि वह यहां से गुजरने वाले तमाम जहाज को सुरक्षित रास्ता देगा या नहीं यह उसकी शर्तों से तय होगा अमेरिका का कहना है कि उन जहाज को और उन देशों पर हम खास तौर से नजर रखेंगे जो ईरान को गैर कानूनी टोल टैक्स दे रहे हैं इस प्रकार अमेरिका ईरान के अर्थव्यवस्था पर गहरा आघात करना चाहता है वह नहीं चाहता कि तमाम देश अतिरिक्त टोल टैक्स लेकर ईरान से अपनी जहाज को आगे बढ़ाएं उसने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर अमेरिकी नेवी के नाकाबंदी की तरफ ईरानी जहाज आता है तो उसे दस्त कर दिया जाएगा। 

यह दुनिया के लिए चिंता बनी हुई है ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर नई हार्मोन स्ट्रीट को लेकर बैठक बुलाने की घोषणा की है कोई फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माइक्रो के साथ मिलकर इस बैठक का आयोजन करेंगे दुनिया के तमाम देशों को इस बैठक में सम्मिलित होने का न्योता देंगे और वह संकट में डिप्लोमेटिक रास्ता निकाल सके उद्देश्य इस बैठक का यही होगा साथ ही जहाज को सुरक्षित आवाजाही प्राप्त हो सके यह भी तय करना इस बैठक का उद्देश्य होगा।

अमेरिका की नाकाबंदी, दुनिया में अशांति: 

मिडिल ईस्ट में शुरू हुई इस युद्ध के बाद से ही पूरी दुनिया में अशांति की स्थिति है ऊर्जा के आपूर्ति को लेकर दुनिया के तमाम देश इस रास्ते पर निर्भर है जिसे हार्मूज स्ट्रेट कहते हैं किंतु यह युद्ध समाप्त हो सकेगा इसके आसार फिलहाल नहीं दिखते बाद तनाव अरब सागर और फारस की खाड़ी में अभी बना हुआ है चीन और भारत जैसे देशों के लिए यह बड़ी चिंता का विषय है क्या अमेरिका प्रत्यक्ष रूप से अरब सागर में जहाज की जांच के लिए उतर चुका है हालांकि सवाल यह भी है कि क्या अमेरिका के पास इस किस्म की व्यवस्था है कि वह तमाम जहाज के रास्तों को जान पा रहा हूं जो हार्मोन स्टेट और अरब सागर से गुजरते हैं क्या वह उन्हें अलग-अलग मार्गो से जाकर रोक सकता है किंतु फिर भी एक बड़ा सवाल आप भी बना हुआ है और होर्मूज स्ट्रेट को लेकर दुनिया के तमाम देशों के लिए चिंता बहुत बड़ी है।।

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