वैभव सूर्यवंशी | एक खूंखार बल्लेबाज
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| Vaibhav Suryawanshi |
वैभव सूर्यवंशी राजस्थान रॉयल की बल्लेबाजी में एक विस्फोटक बल्लेबाज हैं। आरसीबी के खिलाफ कल के मैच में उन्होंने 78 रनों की पारी केवल 26 गेंद में लगा डाली। यह बड़े आश्चर्य की बात है, इस पारी में उन्होंने आठ चौके और सात छक्के लगाए वैभव सूर्यवंशी का बल्ला जिस दिन बोलता है, वह केवल बाउंड्रीज में बात करता है। इस वजह से किसी भी विरोधी टीम के लिए वैभव सूर्यवंशी एक खूंखार सपने की तरह है। उनकी बल्लेबाजी से सभी रिकॉर्ड टूटते हुए नजर आते हैं बात बाउंड्रीज की हो बात सर्वाधिक रनों की हो t20 जैसे मैचो के भी धुरंधर साबित हो रहे हैं। उनका एक ही पैटर्न है, खेलों जितना भी किंतु विस्फोटक बनकर। यह भारतीय क्रिकेट में एक नए प्रतिमान को खड़ा कर रहा है, वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी आश्चर्य भरती है, इसलिए कह सकते हैं कि यह एक वरदान है।।
भारत के गांव गांव शहरों में गली मोहल्ले में बड़े समर्पण के साथ जो नौजवान क्रिकेट खेल रहे हैं। उन सबके मेहनत का सर्वोत्तम फल है वैभव सूर्यवंशी। भारतीय क्रिकेट को ऐसे नायाब हीरे मिलते रहे। अब तो इस विषय में भी चर्चा होने लगी की आईपीएल 2026 के बाद वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम की जर्सी में भी देखा जाएगा, और यह कोई अचरज की बात नहीं उन्होंने इस आईपीएल में अपना सर्वोत्तम प्रस्तुत किया है, और जब ऐसा हुआ है तो निश्चित रूप से भारतीय टीम में t20 के लिए उनकी जगह बनती है। हालांकि भारतीय क्रिकेट टीम पूर्व से ही समृद्ध सितारों से भरी है, लेकिन वैभव सूर्यवंशी अपनी जगह को काबिलियत से बना रहे हैं। सबसे बड़ी बात की वह अभी 13 से 14 साल के बालक हैं। यह बात आश्चर्य भर्ती है कह सकते हैं कि यह वरदान है।।
मुंबई इंडियंस के खिलाफ बल्लेबाजी करते हुए जो उन्होंने पहले ओवर में सिक्स लगाया यह केवल यह नहीं था, की वैभव सूर्यवंशी जो अक्सर सिक्सेस लगाया करते हैं। उनके द्वारा एक और छक्का जड़ा गया। जबकि यह सामने खड़े विश्व के सबसे मजबूत और ताकतवर गेंदबाज कहे जाने वाले जसप्रीत बुमराह कि उस महानता के सम्मुख बिना किसी पूर्वाग्रह के बल्लेबाजी का साहस था। यह किसी भी बल्लेबाज के लिए सामान्य नहीं है, किंतु जब वैभव सूर्यवंशी एक 13 से 14 वर्ष का नौजवान युवा यह कर दिखाता है, तो यह आश्चर्य लगता है इसलिए कह सकते हैं कि यह वरदान है।।
क्रिकेट जगत के महान सचिन तेंदुलकर जब बचपन में क्रिकेट के लिए आगे बढ़ रहे थे। और इसी उम्र में वह हुआ करते थे, तो उनको लेकर भी चर्चा होने लगी थी तब भारतीय नौजवानों के लिए आईपीएल जैसा प्लेटफार्म तो नहीं था। लेकिन सचिन तेंदुलकर को लेकर भी बड़े-बड़े बल्लेबाजों ने उनकी काबिलियत पर यह कहना शुरू कर दिया था कि वह अगले सितारे हैं। सचिन तेंदुलकर ने इस बात को सिद्ध भी किया तब गेंदबाजों का दौरा हुआ करता था, या यूं कहें कि बल्लेबाज और गेंदबाज के बीच अच्छी खींचतान होती थी। यह आज भी है, लेकिन फिर भी आज बल्लेबाज की स्किल्स काफी विकसित हुई है, गेंदबाज की अपेक्षा। सचिन तेंदुलकर समय के साथ महान बल्लेबाज हुए कई रिकॉर्ड बने और वे क्रिकेट की दुनिया में महानता के चरम पर पहुंचे। यह आश्चर्य रहा था कह सकते हैं कि यह वरदान था।।
भारतीय क्रिकेट के लिए नौजवानों का समर्पण ही, बच्चों का दैनिक क्रिकेट खेलना भारत में इस खेल की महानता को विकसित करता है। इस खेल के एक महान विरासत को बनता है। क्रिकेट के प्रति प्रेम को बढ़ाता है, और यही है जो की महान खिलाड़ियों को तैयार करता है यह भारत है जो क्रिकेट का गढ़ बन गया है। क्रिकेट जिसकी संस्कृति का हिस्सा बन गया है, उसमें भी वैभव सूर्यवंशी जैसे नौजवान यशस्वी खिलाड़ियों का उभरना आश्चर्य लगता है किंतु कह सकते हैं कि यह वरदान है।।

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